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November 21, 2019
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प्रेग्नेंसी के दौरान भूलकर भी ना खाये ये दवा, बच्चे का IQ लेवल कम कर सकता है

health care in pregnancy
खतरनाक हो सकता है प्रेग्नेंसी में इस दवा का सेवन, बच्चों की याददाश्त और बुद्धि पर पड़ता है असर।

हेल्थ। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को शिशु के सही विकास के लिए काफी सतर्कता (Health Care in Pregnancy) बरतनी पड़ती है। हाल में किये गए रिसर्च में प्रेग्नेंसी के दौरान पेरासिटामोल लेना बेहद खतरनाक माना गया है। रिसर्च के अनुसार प्रेग्नेंसी के दौरान पेरासिटामोल लेने से गर्भ में पल रहे बच्चे पर काफी खतरनाक असर डालता है। दवा के असर से बच्चों में कम आईक्यू, याददाश्त और बुद्धि जैसे लक्षण काम आयु में देखने को मिले। इस दवा का असर 11 साल तक रहता है।

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Health Care in Pregnancy

रिसर्च टीम की रिपोर्ट के आधार पर यह बात सामने आयी है की प्रेग्नेंसी में पेरासिटामोल का इस्तेमाल करने से होने वाले बच्चे पर इसका असर 6 महीने से लेकर 11 साल तक रहता है। रिसर्च में प्रभावित बच्चों का आईक्यू लेवल, याददाश्त और बुद्धि को 17 साल तक चेक किया जाता रहा।

दर्द में दी जाती है पेरासिटामोल

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गर्भावस्था में दर्द होने पर राहत के लिए पेरासिटामोल दी जाती है। लेकिन इसके दुष्प्रभाव से अनजान महिला अपने शिशु को भी नुकसान पहुंचाती है। इस दवा का खतरनाक असर गर्भ में पल रहे शिशुओं पर भी पड़ता है। गर्भावस्था में पेरासिटामोल का सेवन करने वाली महिला के शिशुओं पर रिसर्च किया गया इसमें लगभग 14 हजार शिशुओं पर रिसर्च में पाया गया की उनका मानिसक विकास, आईक्यू लेवल, याद रखने की क्षमता 11 साल तक प्रभावित रही। रिसर्च टीम ने इस दौरान बच्चों के याद रखने की क्षमता, आइक्यू , प्री-स्कूल डिवेलपमेंट टेस्ट और टेंपरामेंट बिहेविअर पर नज़र रखा।

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प्रभावित बच्चों पर यह असर उनके प्राइमरी स्कूल जाने तक देखा गया, हालांकि एक निश्चित आयु के बाद बच्चों का मानसिक विकास और याद रखने की क्षमता में समानता आने लगी। रिसर्च में टीम ने एक अनोखी बात नोटिस की दवा के प्रभाव से लड़के, लड़कियों की अपेक्षा ज़्यादा संवेदनशील हो गए।

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गर्भावस्था में दर्द से राहत पाने के लिए पेरासिटामोल का अधिक सेवन करने से शिशुओं में हाइपरएक्टिविटी से जुड़ी समस्या भी पायी गयी। जो गर्भवती महिला पेरासिटामोल का लगातार सेवन करती है उनके बच्चे हाइपरएक्टिव और हाइपरएग्रेसिव होने के ज़्यादा चांसेज रहते हैं। इससे बच्चों में कई मानसिक और दिमाग सम्बन्धी बीमारियों के होने का ख़तरा भी बना रहता है।

(नोट : – ऊपर लेख में दी गयी जानकारी को चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता है। दवाओं का सेवन करने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लें।)

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